चांद से लाई गई मिट्टी और पत्थरों ने खोले ब्रह्मांड के कई अनोखे राज- नासा वैज्ञानिक
आज से लगभग लगभग 50 साल पहले नासा के मिशन अपोलो 11( Mission Apollo 11) में सवार अंतरिक्ष वैज्ञानिक नील आर्मस्ट्रांग( Neil Armstrong) द्वारा इकट्ठा किए गए चांद के मिट्टी और पत्थर के नमूनों ने ब्रह्मांड की हमारी समझ को बदलने में हमारी काफी मदद की। नासा के अपोलो अंतरिक्ष यात्रियों ने इस दौरान साल 1969 से 1972 के बीच चांद पर अपने छह अभियानों के दौरान 842 पाउंड (382 किलोग्राम) मिट्टी और पत्थर एकत्रित किए और इसे पृथ्वी पर ले आए। इन सभी नमूनों ने ब्रह्मांड को समझने में हमारी काफी मदद की है। इस बात का दावा नासा के एक खगोल वैज्ञानिक सैमुअल लॉरेंस ने किया है।
नासा के खगोल वैज्ञानिक सैमुअल लॉरेंस के मुताबिक चांद पर मिले ये पत्थर पृथ्वी पर सबसे कीमती चीजों में से एक हैं। ह्यूस्टन के जॉनसन स्पेस सेंटर में काम करने वाले लॉरेंस ने एएफपी को दिए एक इंटरव्यू में बताया, ‘चांद पर मिलने वाले पत्थर सौरमंडल के रोसेटा स्टोन हैं। यह खगोल विज्ञान का आधार है। हालांकि लोगों को इस बात की सराहना करनी चाहिए कि अपोलो मिशन से आए नमूनों का अध्ययन करना सौरमंडल और हमारे चारों ओर के ब्रह्मांड को समझने के लिए कितना महत्वपूर्ण था। खगोल विज्ञान में कई खोज जो हम कर पाए न केवल चंद्रमा बल्कि बुध, मंगल ग्रह और कुछ क्षुद्रग्रहों पर भी, ये सभी खोज सीधे अपोलो मिशनों के दौरान प्राप्त हुए कुछ परिणामों से संबंधित हैं।’

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