क्या बच्चों को स्कूल से ही कंप्यूटर कोडिंग सीखने की ज़रूरत है
कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर स्कूली बच्चों के लिए कोडिंग कोर्स का विज्ञापन दिख रहा था. व्हाइट हैट नाम की कंपनी के इन विज्ञापनों में 6 से 14 साल के बच्चों के लिए कोडिंग के फ़ायदों को लेकर कुछ दावे किए गए हैं. इसमें यह भी दावा किया गया है कि सरकार ने छठी क्लास और उससे ऊपर के बच्चों के लिए कोडिंग सीखना अनिवार्य कर दिया है. ये विज्ञापन मां-बाप और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा है इसलिए महाराष्ट्र की शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ से इसे लेकर सवाल पूछे गए हैं. उन्होंने भी इस विज्ञापन का संज्ञान लिया है और लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के दावों में ना फंसे. इसे लेकर विवाद पैदा होने के बाद 'कोडिंग को अनिवार्य बताने वाले' विज्ञापन पर रोक लग गई है लेकिन इसे लेकर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं. मसलन कोडिंग क्या है? क्या सिर्फ़ छह साल के बच्चों को कोडिंग सिखाना अनुचित है? क्या इससे इतनी कम उम्र के बच्चों पर कोडिंग जैसे जटिल विषय को सीखने का अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा? ऐसे तमाम सवाल पूछे जा रहे हैं. कोडिंग क्या है? जब हम कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं तो सिर्फ़ उसके बाहरी प्रोसेस से ही अव...