एक देश जिसे तीन नामों से जाना जाता है
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हम जिस देश में रहते है उस देश के बारे में जानकारी रखना हमारा पहला कर्त्तव्य है हालांकि हम से ज्यादातर लोग इस बात ये अनजान है कि हमारे देश का अधिकारिक नाम क्या है और उसे ये नाम क्यों दिया गया है? वैसे तो इस सवाल में ज्यादा सोच विचार करने वाला कुछ नहीं है क्योंकि हमारे देश का अधिकारिक नाम हिंदी में भारत और इंग्लिश में इंडिया है। और इसकी पुष्टि आप इसे लगा सकते है कि भारत सभी सरकारी दफ्तरों में हिंदी में भारत सरकार और इंग्लिश इंडिया है।
और ये नाम संविधान में भी उल्लेखित है यानी कि आप भारत को चाहे कितने भी नामों से बुलाए लेकिन इसका अधिकारिक नाम भारत ही है। हालांकि भारत को हिंदुस्तान, आर्यावर्त, जम्बूद्वीप के नाम से भी जाना जाता है।
भारत देश का आधिकारिक संस्कृत नाम है, भारत गणराज्य, और यह नाम प्राचीन भारतीय ग्रंथों, पुराणों से लिया गया है, संस्कृत शब्द भरत, भारत की एक व्युत्पत्ति है। यदि भारत की संधि विछेद करें तो यह होगा भा-रत।यानी भा (बुद्धि या ज्ञान) में रत (लगे हुए) । जिस देश में लोग हमेशा ज्ञान / बुद्धि प्राप्त करने में लगे रहते हैं, उन्हें भारत कहा जाता है।
लेकिन पंपरागत धरोहर के कारण संविधान में भी देश का नाम भारत ही रखा गया। लेकिन क्या आप जानते है भारत को भारत नाम कैसे मिला या फिर इंग्लिश में भारत को इंडिया ही क्यों कहा जाता है?
भारतवर्ष का नामकरण कैसे भारत कैसे हुआ इस संबंध में मतभेद हैं। भारत-1 : भारत नाम की उत्पति का संबंध प्राचीन भारत के चक्रवर्ती सम्राट राजा मनु के वंशज भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत से है। श्रीमद् भागवत एवं जैन ग्रंथों में उनके जीवन एवं अन्य जन्मों का वर्णन आता है। ऋषभदेव स्वयंभू मनु से पांचवीं पीढ़ी में इस क्रम में हुए- स्वयंभू मनु, प्रियव्रत, अग्नीघ्र, नाभि और फिर ऋषभ। राजा और ऋषि ऋषभनाथ के दो पुत्र थे- भरत और बाहुबली। बाहुबली को वैराग्य प्राप्त हुआ तो ऋषभ ने भरत को चक्रवर्ती सम्राट बनाया। भरत को वैराग्य हुआ तो वो अपने बड़े पुत्र को राजपाट सौंपकर जंगल चले गए। भारत-2 : राम के छोटे भाई भरत राजा दशरथ के दूसरे पुत्र थे। उनकी माता कैकयी थी। उनके अन्य भाई थे लक्ष्मण और शत्रुघ्न। परंपरा के अनुसार राम को गद्दी पर विराजमान होना था लेकिन उन्हें 14 वर्ष का वनवास मिला। इस दौरान भरत ने राजगद्दी संभाली और उन्होंने राज्य का विस्तार किया। कहते हैं उन्हीं के कारण इस देश का नाम भारत पड़ा। भारत-3 : पुरुवंश के राजा दुष्यंत और शकुंतला के पुत्र भरत की गणना 'महाभारत' में वर्णित सोलह सर्वश्रेष्ठ राजाओं में होती है। कालिदास कृत महान संस्कृत ग्रंथ 'अभिज्ञान शाकुंतलम' के एक वृत्तांत अनुसार राजा दुष्यंत और उनकी पत्नी शकुंतला के पुत्र भरत के नाम से भारतवर्ष का नामकरण हुआ।
मरुद्गणों की कृपा से ही भरत को भारद्वाज नामक पुत्र मिला। भारतद्वाज महान ऋषि थे। चक्रवर्ती राजा भरत के चरित का उल्लेख महाभारत के आदिपर्व में भी है। भारत 4 : देश का नाम भारत ही क्यों पड़ा.यह नाम भारत के इतिहास से जुड़ा आया है.ऋग्वेद की सांतवी किताब के अठारवे श्लोक में 'दशराजन' युद्ध यानि 'दस राजाओं के युद्ध' का वर्णन मिलता है. दरअसल यह युद्ध दस राजाओं के महासंघ और भरत जनजाति के त्र्त्सू राजवंश केराजा सुदास के बीच पंजाब के रावी नदी पर लड़ा गया था.युद्ध में राजा सुदास ने दस राजाओं के महासंघ पर जीत हासिल की थी.इस जीत के बाद लोग खुद को भरत जनजाति के सदस्यों के रूप में जानने लगे थे. जिसके बाद लोगों के जवान पर भारत नाम रहने लगा. फिर लोग आगे चलकर भारतवर्ष' या 'भारत की भूमि' के नाम से बुलाने लगे.
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भारत 5 : महाभारत के अनुसार भारतवर्ष का नाम राजा भरत चक्रवर्ती के नाम पर दिया गया था. आपको बता दें राजा भरत,भरत राजवंश के संस्थापक और कौरवों और पांडवों के पूर्वज थे.वह हस्तिनापुर के राजा दुष्यंत और रानी शकुंतला के बेटे थे. इसके साथ ही क्षत्रिय वर्ण के वंशज थे. राजा भरत ने पूरे भारत के साम्राज्य को जीत कर एक संगठित राज्य की स्थापना की जिसे 'भारतवर्ष' नाम दिया गया. इसका वर्णन विष्णु पुराण के एक खंड मे किया गया है. जानकर आप हैरान हो जाएंगे कि इंडिया को भारतवर्ष उस समय से कहा जाता है जब भरत के पिता ने अपना पूरा राजपाट अपने पुत्र को सौंप कर सन्यासी बनने जंगल में चले गए थे. भारत 6: हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि 'भारत' शब्द प्राचीनग्रन्थ पुराण से लिया गया है.जो कि 'इंडिया' को भारत वर्सम के नाम से वर्णित करता है. कहा जाता है कि यह शब्द का प्रयोग अन्यमहाद्वीपों या फिर वर्सास से अलग करने के लिए किया है. बड़ी अजीब बात है भरत के साम्राज्य में यानी भारतवर्ष में आज के पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन,ईरान,ताजिकिस्तान, उज्वेकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, तुर्कमेनिस्तान, उत्तर-पश्चिम तिब्बत, नेपाल और बांग्लादेश सभी सम्मिलित थे.संस्कृत में भारत का मतलब अग्नि होता है.जिसका मतलब 'सहन करना' या फिर 'किसी भार को उठाना' होता है अर्थात इसका मतलब आग को बरकरार रखना है. भारत 7 : जैन धर्म के अनुसार भारत को भारत इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि सम्राट भरत चक्रवर्ती जो जैन धर्म के पहले तीर्थंकर के सबसे बड़े पुत्र थे. इसके अनुसार भारत नाम जैन धर्म से लिया गया है. जहां भारत की सभ्यता का विकास हुआ है.
हालांकि ज्यादातर विद्वान मानते हैं कि ऋषभनाथ के प्रतापी पुत्र भरत के नाम पर ही भारत का नामकरण हुआ।
भारत को इंडिया कब कहा जाने लगा
भारत को इंग्लिश में इंडिया ही क्यों कहते है इसके पीछे कोई तर्क नहीं है। हां लेकिन शायद हम भारत को इंडिया इसलिए कहते है क्योंकि ये नाम ब्रिटिशस ने भारत को दिया था। इण्डिया शब्द की उत्पत्ति सिंधु शब्द से हुई है जो पहली बार यूनानियों के दारा प्रचलित हुआ था।
इसके अलावा भारत को हिंदुस्तान और आर्यावर्त भी कहा जाता है।
हिंदुस्तान या आर्यावर्त को क्यों नहीं मिला अधिकारिक नाम का दर्जा
भारत और इण्डिया को आधिकारिक नाम का दर्जा प्राप्त है यानी आप हर सरकारी कागज, दफ्तर या लीगल पेपर्स पर अपने देश का नाम हिंदी में भारत और अंग्रेजी में इंडिया ही लिखा हुआ देंखेगे। हालांकि भारत को हिंदुस्तान के नाम से भी जाना जाता है।
लेकिन शायद संविधान में हिंदुस्तान या आर्यावर्त शब्द को जगह इसलिए नहीं मिली होगी क्योंकि ये शब्द एक धर्म के लोगों को अंकित करता है जबकि भारत धर्मनिरपेक्ष देश है।
हमारे देश का नाम भारत है। इस नाम के अतिरिक्त इसके दो नाम और भी हैं, हिन्दुस्तान और इंडिया। अब आप सोचेंगे कि देश के ये तीन नाम कैसे पड़े?
# भगवान राम के पूर्वज सम्राट भरत, चक्रवर्ती सम्राट हुए हैं। इनका साम्राज्य कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैला हुआ था। उनके नाम पर ही देश का नाम भारतवर्ष पड़ा। एक अन्य मत के अनुसार जब आर्य लोग देश में आये तो वो बहुत सारे कबीलों के रूप में देश के विभिन्न हिस्सों में फैल गये। एक बड़ा कबीला भारत कहलाता था और इसी से देश का नाम भारत प्रचलित हुआ।
# हिमालय के पश्चिम में सिंधु नदी बहती है और एक बहुत बड़ा भू-भाग इससे घिरा है। इस भू-भाग को सिंधु घाटी कहते हैं। सिंधु घाटी सभ्यता बहुत प्रसिद्ध हुई है। मध्ययुग में जब तुर्किस्तान से कुछ विदेशी लुटेरे और ईरानी लोग देश में आये तो सर्वप्रथम उन्होंने सिंधु घाटी में प्रवेश किया। यहां के निवासियों को उन्होंने हिन्दू नाम दिया, जो सिंधु का ही एक अपभ्रंश है। हिन्दुओं के देश को उन्होंने हिन्दुस्तान के नाम से जाना और प्रचलित किया।
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# अब देखते हैं देश का नाम इंडिया कैसे पड़ा। सिंधु नदी का दूसरा नाम इंडस वैली भी कहा जाता था। सिंधु घाटी की सभ्यता रोम की सभ्यता की तरह प्रसिद्ध थी और पूरे देश में फैली हुई थी। इंडस वैली के कारण ही देश का नाम इंडिया पड़ा।
# इंडिया नाम प्रचलित होने का एक अन्य कारण और भी है। जब अंग्रेज देश में आये तो उन्हें हिन्दुस्तान अथवा हिन्द का उच्चरण करने में कठिनाई हुई। इसका हल भी उन्होंने खोज लिया। उन्हें मालूम चला कि सिंधु घाटी का नाम इंडस वैली भी है। अत: उन्होंने हमारे देश को इंडिया नाम दिया और देश पूरे विश्व में इंडिया के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
# एक अन्य मत के अनुसार जब अलेक्जैंडर भारत आया तो उसने अंग्रेजी में HINDU का H हटाकर देश को INDU नाम से जाना, जो बाद में INDIA (इंडिया) बन गया। वैसे देश के संविधान में इसका नाम भारतवर्ष ही है।
भारत देश को संस्कृति का देश माना जाता है. अगर प्राचीन काल में देखा जाए तो भारत एक ऐसा देश है जहां सभ्यता और संस्कृति का भंडार है. यह एकमात्र ऐसा देश है जहां 1650 भाषाएं बोली जाती है. भारत देश में भले ही लोग धर्म और जाति के नाम पर बटे हुए हैं. लेकिन लोगों के बीच का प्यार हमेशा उन्हें जोड़े रखता है. कितनी अजीब बात होगी किसी देश के लिए,जहां पर लोग हर एक धर्म का सम्मान करते हैं. भारत शब्द संस्कृत का शब्द है. जिससे मालूम होता है कि यहां की संस्कृति अनोखी है.
लेकिन अब लोग भारत देश को कई नाम से पुकारते हैं कोई इंडिया कहता है तो कोई हिंदुस्तान. कई नाम होने के बावजूद वह सम्मान इज्जत और प्यार बरकरार है. लोग चाहे भारत को किसी भी नाम से पुकारते हैं.लेकिन जब भी पुकारते हैं शान से पुकारते हैं.
हमारा भारत देश में अनेक संस्कृति, भाषा, रीति-रिवाज, पहनावा समेत तमाम विविधता होने के बाद भी हम सब भारतीय एक हैं और यही हमारे भारत देश की पहचान भी है।



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