आरोग्य सेतु को 9.8 करोड़ लोगों ने किया डाउनलोड, 697 कोरोना हॉट्स्पॉट की हुई पहचान- BJP
कोरोना से जारी लड़ाई में देश को एक और सफलता मिलने की जानकारी देते हुए बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा कोरोना महामारी की शुरुआत से ही पीएम के नेतृत्व में भारत अपने संपूर्ण संसाधन के साथ लगातार इसका मुकाबला कर रहा है. देश के डॉक्टर और वैज्ञानिक इस जानलेवा वायरस की काट खोजने में जी-जान से लगे हुए हैं. लोगों के इसी सहयोग से पीपीई और एन-95 मास्क के निर्माण में आगे बढ़ने के साथ-साथ देश ने अब एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है. पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान-एनवीआरआई ने कोरोना संक्रमण की जांच के लिए पहली स्वदेशी 'एंटीबॉडी डिटेक्शन किट' बना लिया है.
संजय जायसवाल ने कहा कि यह स्वदेशी किट संक्रमण के प्रसार पर नजर रखने और उसे रोकने में बहुत मददगार साबित हो सकता है. वैज्ञानिकों एवं डॉक्टरों के दिन रात किये परिश्रम से एक महीने में तैयार यह किट ढाई घंटे में 90 लोगों के खून के नमूनों की जांच करने में सक्षम है.
विशेषज्ञों की ओर से कोविड कवच के निर्माण को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में एक अहम हथियार के तौर पर देखा जा रहा है. इस कोविड कवच किट से न केवल एक दिन में कई जांच हो सकेंगी, बल्कि इससे अधिक से अधिक कोरोना पॉजिटिव का पता लगाने में जांच दल और स्वास्थ्यकर्मियों को मदद मिलेगी.
डॉ जायसवाल ने कहा पीएम के नेतृत्व में बेहद कम समय में जिस तरह से कोरोना का तकनीकी समाधान खोजने का प्रयास किया गया है, वह उनकी दूरदर्शिता के साथ-साथ देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की कुशलता, दक्षता और परिश्रम को प्रदर्शित करता है.
उन्होंने कहा कि हमारे इंजीनियरों की बदौलत ही देश को आरोग्य सेतु एप मिला, जिसे महज एक महीने से कुछ अधिक समय में ही 9.8 करोड़ लोग डाउनलोड कर चुके हैं. इस एप की वजह से देशभर में 697 संभावित कोरोना हॉटस्पॉट के बारे में जानकारी मिली है.
वहीं ब्लूटूथ कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के जरिए 1.4 लाख यूजर्स को संक्रमण के खतरे को लेकर अलर्ट किया गया है. सरकार के कामों से आज लोगों में पहली बार एक सुरक्षा का भाव जगा है कि संकट के समय वह अकेले नहीं हैं बल्कि सरकार और पूरी मशीनरी उनके साथ खड़ी है.
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