अगर कोई कौवा मर जाता है तो बहुत से कौवे उसके इर्द-गिर्द इकट्ठे क्यों हो जाते हैं?

 कदाचित आपने कोई ऐसी घटना के बारे में सुना या देखा होगा, या आपने अनुमान मात्र पर ऐसा प्रश्न किया है यह समझ नहीं पा रही हूँ।

पिछले वर्ष एक कौए को मरा पड़ा देखा था बिजली के खंबे के नीचे। कोई अन्य कौआ नहीं आ रहा था उसके पास और न ही कोई कौआ आवाज़ कर रहा था उसको देखकर। कल भी एक कौआ देखा था एक मकान के सामने, शायद बिजली के झटके से मृत्यु हुई होगी। पांच ही मीटर की दूरी पर बहुत सारे कौए दिया हुआ भोजन खा रहे थे, जैसे कुछ हुआ ही नहीं। केवल एक कौआ समय-समय पर कुछ पास आकर आवाज़ करके शायद उस कौए को जगाना चाह रहा था या अन्य कौओं को संदेश देना चाह रहा था। घंटों बाद एक आदमी आकर उस मरे पक्षी को फेंक आया।

पर कुछ ही वर्षों पहले इसी स्थान पर एक पेड़ की डालियों में उलझे पतंग डोर में फंसे एक कौए को बचाने के लिए बहुत सारे कौए चिल्ला रहे थे। बाद में मेरे पति ने उस कौए को बचाया था।

भारत के आमलोग पशु क्रूरता के प्रति कितने संवेदनशील हैं? के लिए मेरा जवाब भारत के आमलोग पशु क्रूरता के प्रति कितने संवेदनशील हैं? के लिए कल्याणी (Kalyani Mohapatra(କଲ୍ୟାଣୀ)) का जवाब

ऑनलाईन स्त्रोत भी यही कह रहे हैं कि कौए सामाजिक प्राणी होते हैं। अधिकतर कौए एक ही साथी के साथ जीवन व्यतीत करते हैं। झगड़ा करने के बाद सुलह करते हैं। अपने परिवार-दोस्त के गुजर जाने पर दुख प्रकट करते हैं।

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